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Heavy Periods- causes

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Heavy Periods क्या है? हमारे समाज में महिलाएं    periods के बारे में खुल कर बात नही पाती है, जिसकी वजह से उन्‍हें कई तरह की समस्‍याओं का सामना करना पड़ता है।  लेकिन women health  के बारे में चर्चा करने से ही इन समस्‍याओं का हल निकाला जा सकता है। कई महिलाएं ऐसी होती है   जिन के लिए ये सामान्य होता है लेकिन कुछ महिलाओं को   periods के दौरान बहुत अधिक दर्द सहना पड़ता है तो कुछ लोगों में ब्लीडिंग clots के रूप में होती है। ये स्थिति काफी painful होती है।  हर महिला की period cycle दूसरी महिला  से अलग होती है। कुछ महिलाओं की menstrual cycle 5 दिन की होती है तो कुछ में ये cycle 7 दिन की भी हो सकती है!  यदि हर एक घण्‍टे में या उससेे भी कम समय में एक Pad या  Tampon को बदलना पड़ जाये तो यह Heavy Periods या  Menorrhagia   कहलाता है।महिलाओं के लिए, यह उनकी सामान्य lifestyle में एक बड़ी बाधा है।  Heavy periods Heavy Periods के कारण- Heavy periods के सटीक कारण अभी तक अज्ञात है लेकिन यह एक अत्‍यंत गंभीर समस्‍या है। ...

पीरियड्स सम्बन्धी समस्याएं एवं उपाय

माहवारी चक्र की सामान्य अवधि क्या है?(What is the normal duration of the menstrual cycle?) माहवारी चक्र महीने में एक बार होता है, सामान्यतः 28 से 32 दिनों में एक बार। हालांकि अधिकतर मासिक धर्म का समय तीन से पांच दिन रहता है परन्तु दो से सात दिन तक की अवधि को सामान्य माना जाता है। पीरियड्स सम्बन्धी समस्याएं ज्यादातर महिलाएं माहवारी (पीरियड्स) की समस्याओं से परेशान रहती है लेकिन अज्ञानतावश या फिर शर्म या झिझक के कारण लगातार इस समस्या से जूझती रहती है। दरअसल दस से पन्द्रह साल की लड़की के अण्डाशय हर महीने एक परिपक्व अण्डा या अण्डाणु पैदा करने लगता है। वह अण्डा डिम्बवाही थैली (फेलोपियन ट्यूब) में संचरण करता है जो कि अण्डाशय को गर्भाशय से जोड़ती है। जब अण्डा गर्भाशय में पहुंचता है तो रक्त एवं तरल पदाथॅ से मिलकर उसका अस्तर गाढ़ा होने लगता है। यह तभी होता है जब कि अण्डा उपजाऊ हो, वह बढ़ता है, अस्तर के अन्दर विकसित होकर बच्चा बन जाता है। गाढ़ा अस्तर उतर जाता है और वह माहवारी का रूधिर स्राव बन जाता है, जो कि योनि द्वारा शरीर से बाहर निकल जाता है। जिस दौरान रूधिर स्राव होता रहता है उस...

Women Health & Hygiene (Menstrual Cycle)

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मासिक चक्र (Menstrual Cycle) हर महिला को किशोरावस्था में पहुँचने के बाद माहवारी (मासिक चक्र) शुरू होती है। पढ़िए यह कैसे होता है, इससे महिला के शरीर में क्या बदलाव आते हैं, और बहुत कुछ... यह कैसे काम करता है? (How does it works) जब कोई लड़की किशोरावस्था में पहुँचती है तब उनके अंडाशय इस्ट्रोजन एवं प्रोजेस्ट्रोन नामक हार्मोन उत्पन्न करने लगते हैं। इन हार्मोन की वजह से हर महीने में एक बार गर्भाशय की परत मोटी होने लगती है और वह गर्भ धारण के लिए तैयार हो जाता है। इसी बीच कुछ अन्य हार्मोन अंडाशय को एक अनिषेचित डिम्ब(ovum) उत्पन्न एवं उत्सर्जित करने का संकेत देते हैं। अधिकतर लड़कियों में यह लगभग 28 दिनों के अन्तराल पर होता है। निषेचन का न होना = मासिक धर्म होना सामान्यतः, यदि लड़की डिम्ब के उत्सर्जन (अंडाशय से डिम्ब का निकलना) के आसपास यौन संबंध नहीं बनाती हैं, तो किसी शुक्राणु की डिम्ब तक पहुँच कर उसे निषेचित करने की संभावनाएं नहीं रह जाती हैं। अतः गर्भाशय की वह परत जो मोटी होकर गर्भावस्था के लिए तैयार हो रही थी, टूटकर रक्तस्राव के रुप में बाहर निकल जाती है। ...
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                    Health & Hygiene   #Lets Spread Awareness A healthy life is a dream of each individual. World Health Organization (WHO) declared April 7 th  as World Health Day. This is celebrated with the goal of creating awareness among each individual. For being healthy we need to know the actual meaning of health and hygiene. Let us discuss more on health and hygiene. According to WHO, health is“a complete state of physical, mental and social well-being, and not merely the absence of  disease  or infirmity.” As per the definition, a person cannot be said to be healthy merely by a disease-free condition. He/ she should be physically as well as mentally healthy. This demands a hygienic condition. Health and hygiene are two correlated terms. Health and Hygiene:   One personal benefit of good hygiene is having better health. Keeping your body clean helps prevent illness and infection fr...